अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियां
- अप्रैल 9, 2025
- 0
पिछले वित्त वर्ष में धमाकेदार वृद्धि दर हासिल करने के बाद भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की रफ्तार फिर हिचकोले खाने लगी है। आर्थिक वृद्धि दर सुस्त होकर अपनी पुराने कमजोर रफ्तार पकड़ने लगी है।
हालांकि केंद्र एवं राज्य सरकारों की तरफ से उम्मीद से कम पूंजीगत व्यय एवं लंबे समय तक चुनावी सरगर्मी और प्रतिकूल मौसम की मार भी पूंजीगत व्यय में कमी के कारण रहे हैं।
दीर्घ अवधि की आर्थिक वृद्धि में तीन कारक-पूंजी, श्रम और उत्पादकता- सहायक होते हैं। पूंजी निवेश आर्थिक वृद्धि में बड़ा योगदान देता है। इस समय ज्यादातर पूंजी निवेश सरकारी आधारभूत परियोजनाओं और घरेलू निवेश से हो रहा है। किसी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास काफी जरूरी होता है। क्योंकि इससे न केवल निकट अवधि में कई तरह के लाभ मिलते हैं, बल्कि देश की दीर्घ अवधि की आर्थिक संभावना भी मजबूत होती है।
अच्छी बात यह है कि कोविड-19 महामारी के बाद आधारभूत ढांचे के विकास पर सरकार द्वारा जोर दिए जाने के कई सकारात्मक मगर चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं। मगर कई सकारात्मक बातों जैसे वेतन मद में कम खर्च, कंपनी करों में कमी और सरकार के आधारभूत क्षेत्र में निवेश झोंकने के बावजूद भारत का निजी क्षेत्र पूरे उत्साह के साथ निवेश गतिविधियों में भाग नहीं ले पा रहा है।
आर्थिक वृद्धि को बढा़वा देने वाला कारक उत्पादकता इस पूरे दशक में बड़ी भूमिका निभाएगी। उत्पादकता अधिक होने का मतलब कच्चे माल की मात्रा स्थिर रखते हुए अधिक उत्पादन प्राप्त करना है।
भौतिक ढांचो में सुधार, डिजिटलीकरण में तेजी और वस्तु एंव सेवा कर (जीएसटी) जैसे महत्त्वपूर्ण सुधार कारोबार एंव निवेश में सुगमता और बढ़ाएंगे।
डिजिटलीकरण की प्रक्रिया काफी तेज हुई है, खासकर कोविड महामारी के बाद तो इस क्षेत्र में कमाल की प्रगति हुई है। आधारभूत ढांचे और आर्थिक सुधारों की रफ्तार भी तेजी से बढ़ी है।
भू-राजनीतिक तनाव, प्रमुख देशों में शुल्कों को लेकर तनातनी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक औद्योगिक नीतियों का महत्त्व बढ़ रहा है। दुनिया के देश अब अपनी कार्य कुशलता के बजाय विपरीत परिस्थितियों से जूझने की ताकत विकसित करने पर अधिक जोर दे रहे हैं।
👇 Please Note 👇
Thank you for reading our article!
If you don’t received industries updates, News & our daily articles
please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298592, your number will be added in our broadcasting list.






Ply insight launched on March 2018 with a vision to make a platform to collaborate plywood MDF, Laminate, machinery manufactures with dealers in the Trade.
Categories
Useful Links
Follow Us