:Piyush Goyal: Minister of Commerce and Industry:

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि क्यूसीओ का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और घटिया आयात पर रोक लगाना है। ये उपाय भारत को खुद को एक विनिर्माण पावर हाउस के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे, जिससे उपभोक्ताओं के लिए बेहतर और सुरक्षित उत्पाद सुनिश्चित होंगे।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्लाईवुड और एमडीएफ बोर्ड उद्योग अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों को लागू करने पर सहमत हो गए हैं। क्योंकि उन्होंने उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करने से भविष्य में होने वाले अच्छे परिणाम को महसूस किया है। उन्होंने कहा कि भारत आधुनिक मानक पेश कर रहा है जो दुनिया के अन्य हिस्सों, खासकर विकसित देशों में प्रचलित मानकों के बराबर है।

मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता पर भारत का निरंतर ध्यान अब देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचाना और सराहा जा रहा है।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और घटिया वस्तुओं के आयात में कटौती करने के लिए प्लाईवुड, एमडीएफ बोर्ड और अन्य लकड़ी के उत्पादों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण मानक की आवश्यकता पर जोर दिया था।

जिसे भारतीय लकड़ी उद्योग ने शुरूआती प्रतिरोध के बाद अब स्वीकार कर लिया है। अब जल्द ही देश में घरेलू व आयातित लकड़ी उत्पादों पर क्यूसीओ पूरी तरह से लागू हो जाएगा।

मंत्री ने बताया कि हमने इसके लिए उद्योगपतियों से लगातार बैठक की। अंततः उद्योग जगत को खुद ही उच्च गुणवत्ता मानकों पर ध्यान देने की जरूरत का एहसास हो गया है, खासकर तब जब वे उस गुणवत्ता का उत्पादन पहले से ही कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले, देश भर के सभी काष्ठ उद्योग विनिर्माण का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्योग के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की और अनुरोध किया कि इन उत्पादों पर क्यूसीओ अपने निर्धारित समय पर अवश्य लगाया जाना चाहिए।

गोयल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बात धीरे-धीरे अधिक से अधिक क्षेत्रों में फैल रहा है कि यह (क्यूसीओ) भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ने में मदद करेगा।‘‘ सरकार भारत में एक मजबूत गुणवत्ता पारिस्थियों को बना रही है। जिसकी पहचान अर्थव्यवस्था को विकास के उच्च स्तरों पर ले जाने के लिए बेहतर और सुरक्षा अनुपालन उत्पादों पर जोर देना है।

इस प्रयास के तहत, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा उपभोक्ता सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण उत्पादों के लिए ये ऑर्डर तेज़ी से शुरू किए जा रहे हैं। इन क्युसीओ में भारतीय उपभोक्ता को उपलब्ध कराए जा रहे सामानों की गुणवत्ता से समझौता किए वगैर ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने के लिए सही तत्व हैं।

घटिया उत्पादों के प्रचलन को प्रतिबंधित करने के लिए यह केंद्रित दृष्टिकोण भारत को वर्ग-में-सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले उत्पादों के पर्याय के रूप में एक विनिर्माण शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण चालक होगा। उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा को बढ़ाने के लिए मजबूत गुणवत्ता मानकों को लागू करने के लिए, इन आदेशों के कार्यान्वयन पर एक मजबूत नीतिगत ध्यान केंद्रित किया गया है जो विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के व्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी) समझौते के प्रावधानों के अनुरूप है।

समझौते में मान्यता दी गई है कि देश अपने निर्यात की गुणवत्ता बनाए रखने, मानव, पशु या पौधे के जीवन की रक्षा करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आवश्यक गुणवत्ता नियंत्रण उपाय कर सकते हैं।

क्यूसीओ को बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा लाइसेंस और/या अनुरूपता प्रमाणपत्र प्रदान करके लागू किया जाता है।

क्यूसीओ की अधिसूचना के साथ, गैर-बीआईएस प्रमाणित उत्पादों का निर्माण, भंडारण और बिक्री प्रतिबंधित है। बीआईएस अधिनियम के प्रावधान का उल्लंघन करने पर पहले अपराध के लिए दो साल तक की कैद या कम से कम 2 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है, जो दूसरे और उसके बाद के अपराधों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपये तक बढ़ जाता है।