India’s Logistics Cost at 8% of GDP, Rail Most Efficient: Report

भारत की लॉजिस्टिक लागत वर्ष 2023-24 में उसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 7.97% आंकी गई है। इसमें रेल लॉजिस्टिक्स सबसे अधिक किफायती साधन के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसकी औसत लागत ₹1.96 प्रति टन प्रति किलोमीटर है। यह सड़क परिवहन (₹11.03 प्रति टन प्रति किलोमीटर) से कहीं कम है, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने अपनी रिपोर्ट में कहा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वायु परिवहन सबसे महंगा, हालांकि सबसे तेज़ साधन है। इसकी औसत लागत ₹72 प्रति टन प्रति किलोमीटर है, जिसके कारण इसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च-मूल्य और समय-संवेदनशील वस्तुओं तक सीमित रहता है।

यह रिपोर्ट, “द असेसमेंट ऑफ लॉजिस्टिक कॉस्ट इन इंडिया”, राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) ने विभाग के लिए तैयार की है। यह देश का पहला वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया अनुमान है, जिसमें द्वितीयक आंकड़ों को राष्ट्रीय स्तर पर किए गए सर्वेक्षणों के साथ मिलाकर हाइब्रिड पद्धति से आकलन किया गया है।

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रिपोर्ट में कहा गया, “इस अध्ययन के अनुसार, लॉजिस्टिक लागत GDP का 7.97% और गैर-सेवा उत्पादन (कृषि, खनन और विनिर्माण) का 9.09% है। बाद वाला माप लॉजिस्टिक लागत को ट्रैक करने और उप-राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय तुलना सक्षम बनाने का बेहतर तरीका है।” इसमें यह भी जोड़ा गया कि परिवहन लागत लॉजिस्टिक लागत का सबसे बड़ा हिस्सा है।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, “अब तक भारत की लॉजिस्टिक लागत को अक्सर गलत तरीके से पेश किया गया था। सामान्यतः बताए जाने वाले 13-14% GDP के आंकड़े बाहरी अध्ययनों या आंशिक आंकड़ों से निकाले गए थे। इससे अनुमान असंगत होते थे और नीति-निर्माताओं व वैश्विक हितधारकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती थी।”

पिछले पांच वर्षों के अनुमानों से पता चलता है कि लॉजिस्टिक लागत में वृद्धि की गति धीरे-धीरे कम हो रही है। इसका श्रेय पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, समर्पित माल गलियारे, सागरमाला परियोजना, एकीकृत चेक पोस्ट, और यूनिफाइड लॉजिस्टिक इंटरफेस प्लेटफॉर्म के विकास जैसी पहलों को जाता है।


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