प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि किसानों की आय दुगुनी करनी है। इसके लिए बहुत ही सक्षम विकल्प है कृषि वानिकी। क्योंकि जिस तरह से लकड़ी के दाम बढ़ रहे हैं। इससे किसानों में आय वृद्धि के साथ कृषि वानिकी के प्रति रूझान तेजी से बढ़ रहा है।

ऐसे में क्यूसीओ लागू होते ही इसका सबसे बड़ा लाभ देश के कृषि वानिकी करने वाले किसानों को होने वाला है। पिछले तीन सालों में लकड़ी की कीमतें दुगुनी से अधिक हो गई हैं।

इस वक्त हरियाणा के यमुनानगर में करीब 18 हजार हेक्टेयर पर कृषि वानिकी है। इसमें सफेदा व पॉपुलर की फसल शामिल है। इसी तरह, अंबाला में 15 हजार हेक्टेयर, कुरुक्षेत्र में 11 हजार, करनाल में सात हजार कैथल मे 6 हजार हेक्टेयर में कृषि वानिकी हो रही है। कृषि वानिकी का रकबा बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से हर साल चार लाख पौधे किसानों में वितरित किया जा रहे हैं। किसान स्वयं खर्च कर भी लगातार पौधा रोपण कर रहे हैं।

कृषि विज्ञान के शोधार्थी रोहित चौहान ने बताया कि कृषि वानिकी किसानों की आय बढ़ाने में पूरी तरह से सक्षम है। हर किसान को पौधा रोपण करना चाहिए। जिससे लकड़ी उनकी आमदनी में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

रोहित चौहान ने बताया कि लकड़ी की हमेशा ही डिमांड बनी रहती है। इससे किसान गेहूं व चावल के फसल चक्र से बाहर आ सकता है। इससे भूजल की बचत होगी। ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में यूं भी हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास हो रहे हैं।

रोहित चौहान ने बताया कि कृषि वानिकी को लकड़ी उद्योग से सीधे जोड़ने की आवश्यकता है। देश के लकड़ी आधारित उद्योग को नियमित लकड़ी मिलती रहनी चाहिए। किसानों को लकड़ी की गारंटीशुदा कीमत मिलती रहे तो यह कृषि, पर्यावरण, एवं लकड़ी उद्योग के लिए क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था आकृति के अध्यक्ष अनुज सैनी ने बताया कि क्यूसीओ से एक ओर फायदा यह हो सकता है कि किसान उच्च गुणवत्ता की लकड़ी उगाने की दिशा में काम कर सकते हैं। यह तभी संभव है, जब देश का प्लाइवुड और पेनल उद्योग मजबूत होगा। क्यूसीओ देश के लकड़ी उद्योग को मजबूती देने वाला कदम है। इसलिए लकड़ी उद्योग में जल्द से जल्द क्यूसीओ लागू होना चाहिए।

अनुज सैनी ने बताया कि देश का लकड़ी उद्योग मजबूत होता है तो इसका सीधा लाभ कृषि वानिकी कर रहे किसानो को होगा। हरियाणा और पंजाब जहां कृषि वानिकी बडे़ पैमाने पर होती है, यहां इसका सीधा लाभ होगा।

कृषि वानिकी कर रहे किसान प्रमोद चौहान ने बताया कि ऐसे प्रयास हर संभव होने चाहिए,जिससे लकड़ी उद्योग मजबूत हो। क्योंकि लकड़ी उद्योग मजबूत होगा तभी तो लकड़ी की मांग बढे़गी। इस तरह से उन्हें लकड़ी के दाम सही मिलेंगे।

इससे किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, इसके लिए सरकार पर किसी भी तरह का दबाव नहीं होगा। खुद व खुद ऐसा सिस्टम बन जाएगा, जिसके बेहद सुखद परिणाम सामने आ सकते है।