Radio Frequency Technology A Breakthrough in Sustainable Plywood Manufacturing
- नवम्बर 11, 2025
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हाल ही में मुझे वन अनुसंधान संस्थान (Forest Research Institute & FRI), देहरादून में एक अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला, जो प्लाइवुड निर्माण तकनीक पर आधारित था। यह अनुभव अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इस दौरान मुझे कई नई तकनीकों की जानकारी मिली, परंतु एक मशीन ने विशेष रूप से मेरा ध्यान आकर्षित किया - रेडियो फ़्रीक्वेंसी (Radio Frequency & RF) आधारित हॉट प्रेस।
हाल ही में मुझे वन अनुसंधान संस्थान (Forest Research Institute & FRI), देहरादून में एक अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला, जो प्लाइवुड निर्माण तकनीक पर आधारित था। यह अनुभव अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इस दौरान मुझे कई नई तकनीकों की जानकारी मिली, परंतु एक मशीन ने विशेष रूप से मेरा ध्यान आकर्षित किया - रेडियो फ़्रीक्वेंसी (Radio Frequency & RF) आधारित हॉट प्रेस।यह मशीन वाकई में प्लाइवुड उद्योग के लिए एक क्रांतिकारी खोज है, जो हमारी दैनिक ऊर्जा और ईंधन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान प्रदान कर सकती है।
क्या है रेडियो फ़्रीक्वेंसी हॉट प्रेस?
अब तक प्लाइवुड उद्योग में पारंपरिक हॉट प्रेसिंग तकनीक का प्रयोग किया जाता रहा है, जिसमें लकड़ी की चादरों और गोंद को गर्म करने के लिए बाहरी ताप ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया धीमी, ऊर्जा-खपत वाली और अक्सर असमान रूप से गर्म होती है। इसके लिए बड़े पैमाने पर फायरवुड (ईंधन लकड़ी) या भाप जनित ताप की आवश्यकता होती है, जो लागत बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है।
वहीं दूसरी ओर, रेडियो फ़्रीक्वेंसी (RF) आधारित हॉट प्रेस पूरी तरह से नई सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें विद्युत चुंबकीय तरंगों के माध्यम से गोंद और लकड़ी की परतों को भीतर से बाहर तक समान रूप से गर्म किया जाता है।

इससे चिपकने की प्रक्रिया (curing) बहुत तेज़ होती है, ऊर्जा की खपत कम होती है, और प्लाइवुड की गुणवत्ता बेहतर होती है।
’यह क्यों महत्वपूर्ण है’
दशकों से प्लाईवुड निर्माता ईंधन की खपत से जुड़ी परिचालन और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। थर्मल ऊर्जा की मांग ने उत्पादन लागत में वृद्धि और कार्बन उत्सर्जन में बढ़ोतरी दोनों को जन्म दिया है। आरएफ-आधारित प्रेसिंग तकनीक की शुरुआत इस स्थिति को पूरी तरह बदल सकती है।

इस तकनीक के प्रमुख लाभ रेडियो फ़्रीक्वेंसी आधारित प्रेसिंग से प्लाइवुड उद्योग को कई फायदे हो सकते हैं, जैसे किः
तेज़ उत्पादनः पारंपरिक प्रेसिंग जहाँ मिनटों में होती है, वहाँ RF तकनीक कुछ ही सेकंड में प्रक्रिया पूरी कर देती है।
ऊर्जा की बचतः फायरवुड और बॉयलर आधारित ऊष्मा प्रणाली की आवश्यकता बहुत हद तक समाप्त हो जाती है।
बेहतर गुणवत्ताः अंदर से समान रूप से गर्म होने से गोंद की चिपकने की शक्ति (bonding strength) अधिक मिलती है।
पर्यावरणीय लाभः ईंधन की खपत कम होने से प्रदूषण में कमी आती है और यह पर्यावरण के लिए अनुकूल है।
कम रखरखावः पारंपरिक प्रेस की तुलना में अधिक साफ-सुथरी, सुरक्षित और जगह बचाने वाली तकनीक है।

FRI देहरादून की भूमिका
वन अनुसंधान संस्थान (FRI), देहरादून, भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के अधीन कार्यरत है और लकड़ी व प्लाइवुड उद्योग में नई तकनीकों के विकास का अग्रणी केंद्र है। FRI द्वारा विकसित रेडियो फ़्रीक्वेंसी आधारित हॉट प्रेस इसका प्रमाण है कि कैसे वैज्ञानिक अनुसंधान औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
अपने दौरे के दौरान, मैंने इस मशीन को क्रियान्वित अवस्था में देखा - इसकी कार्यकुशलता, गति और सटीकता वास्तव में सराहनीय थी। FRI के वैज्ञानिकों ने इस तकनीक को विशेष रूप से भारत के प्लाइवुड उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है, जिससे फायरवुड पर निर्भरता घटे और उद्योग अधिक सतत (sustainable) और पर्यावरण हितैषी बन सके।
संस्थान ने यह भी संकेत दिया है कि जो भी उद्योग इस तकनीक को अपनाना चाहता है, FRI सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। वे इस परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी, तस्वीरें और संचालन संबंधी विवरण साझा करने को इच्छुक हैं।

उद्योग के लिए संदेश
अब समय आ गया है कि हमारा प्लाइवुड उद्योग परंपरागत तरीकों से आगे बढ़े और आधुनिक, ऊर्जा-कुशल तकनीकों को अपनाए। रेडियो फ़्रीक्वेंसी हॉट प्रेस न केवल उत्पादन को तेज़ और सस्ता बनाएगा, बल्कि यह हमें पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य की ओर भी अग्रसर करेगा।
हम सभी निर्माताओं, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को इस दिशा में आगे आने की आवश्यकता है। यदि यह तकनीक बड़े पैमाने पर लागू होती है, तो यह फायरवुड संकट, ऊर्जा लागत, और प्रदूषण जैसी समस्याओं को काफी हद तक समाप्त कर सकती है।

नवाचार ही भविष्य है, और रेडियो फ़्रीक्वेंसी हॉट प्रेस इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
आइए हम सब मिलकर FRI देहरादून जैसे संस्थानों के साथ सहयोग करें और भारतीय प्लाइवुड उद्योग को अधिक हरित (Green), कुशल (Efficient) और भविष्य-उन्मुख (Future&Ready) बनाएं।
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