शताब्दी वर्ष के लिए आरबीआई ने बनाया रोड मैप
- जुलाई 13, 2024
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अपने सौवें साल में प्रवेश कर रहे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई ने एक रोड मैप तैयार किया है। इसमें एक आदर्श केंद्रीय बैंक के रूप में खुद को स्थापित करते हुए वित्तीय समावेशन और रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ाने तक का लक्ष्य रखा है।
इससे आरबीआई विश्व में खुद और भारत की उपस्थिति बढ़ाने जा रही है। आरबीआई के विजन /100 दस्तावेज ़में 14 प्रमुख लक्ष्यों को निर्धारित किया गया है। इनमें उभरती हुई बाजार अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से कीमतों को स्थिर करने से लेकर आर्थिक विकास के बीच संतुलन को साधना शामिल किया गया है। इसके साथ ही मौद्रिक नीति ढांचे की समीक्षा को भी इसमें शामिल किया गया है। भुगतान धोखाधड़ी से ग्राहकों की सुरक्षा को भी इसमें शामिल किया गया है।
इसका उद्देश्य मोद्रिक नीति को इस तरह से सुधार करना है कि लेन देन और ज्यादा सुरक्षित व मजबूत हो सके। अर्थव्यवस्थाओं में निजी और सार्वजनिक ऋण के बोझ से आरबीआई पर पड़ने वाले प्रभावों का भी इसमें ध्यान रखा गया है।
भारतीय वित्तीय क्षेत्र वैश्वीकरण का हिस्सा है। घरेलू बैंकों का विस्तार राष्ट्रीय विकास के साथ साथ हो, इसके लिए आरबीआई की कोशिश है कि संचालन और आकार में विश्व के 100 बैंकों में 3-5 भारतीय बैंकों का स्थान बने।
लेन देन में धोखाधड़ी के प्रति उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए, बैंकिंग नियामक उपभोक्ता जागरूकता को व्यापक और मजबूत किया जा रहा है। जिससे लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। इसके लिए उन सभी उपायों पर विचार किया जा रहा है, जिससे बैंक में लेनदेन संबंधी धोखाधड़ी को तेजी से रोका जा सके। इस तरह के उपायों को तुरंत प्रभाव से लागू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भारत में डिजिटल भुगतान और ज्यादा हो, इसके लिए केंद्रीय बैंक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (ई-रुपए को भी चरणबद्ध तरीके से अमल में ला रहा है। यह भी कोशिश की जा रही है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली मजबूत और सभी इसका आसानी से इस्तेमाल कर सके, इस दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय लेनदेन भी यूपीआई, आरटीजीएस और एनईएफटी से हो सके, इस दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। आरबीआई की योजना है कि इस तरह के सुरक्षित तरीके अपनाए कि सुरक्षित लेनदेन में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बन कर उभरे। आर्थिक मजबूती, ऋण उपलब्धता का विस्तार करने, पूंजी खाते को उदार बनाने और भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की भी योजना बना रहा है।




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