Small Borrowers upto Rs. 25 crore get RBI’s Covid Vaccine
- मई 6, 2021
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The Reserve Bank of India (RBI) on Wednesday announced a Covid package of Rs 50,000 crore for vaccine makers, medical equipment suppliers, hospitals, and even patients in need of funds to treat the disease, while opening up another round of restructuring of loans for individual and small borrowers for up to two years.
RBI Governor Shaktikanta Das announced these and other measures in an unscheduled press conference on Wednesday morning, in the first concrete effort by a central agency to fight the stress brought forward by the rising second wave of Covid.
“The immediate objective is to preserve human life and restore livelihoods through all means possible,” Das said, adding, “We are committed to go unconventional and devise new responses as and when the situation demands.”
The central bank stood in “battle readiness” to ensure that financial conditions remain congenial and markets continue to work efficiently.
The Rs 50,000 crore emergency health services loans, which can be given by banks till March 31, 2022, will be classified as priority sector loans for three years or repayment, whichever is earlier. Priority sector loans are exempted from maintaining cash reserve or statutory liquidity ratios, and so banks can extend them at concessional rates too.
25 करोड़ रुपये तक के छोटे कर्जदारों को मिली राहत
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज 50,000 करोड़ रुपये के कोविड पैकेज का ऐलान किया, जिसका मकसद टीका बनाने वाली कंपनियों, चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति करने वालों, अस्पतालों तथा बीमारी का इलाज करा रहे रोगियों को रकम उपलब्ध कराना है। केंद्रीय बैंक ने व्यक्तिगत और छोटे कर्जदारों के लिए दो साल के कर्ज पुनर्गठन का एक और चरण भी शुरू किया।
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोरोना की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था पर बढ़ रहे दबाव का मुकाबला करने के लिए अचानक संवाददाता सम्मेलन कर ठोस उपायों का ऐलान किया। दास ने कहा, ‘तात्कालिक लक्ष्य हर संभव तरीकों से मानव जीवन को बचाना और आजीविका सुनिश्चित करना है।’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करने के लिए युद्व स्तर पर काम करेगा कि वित्तीय हालात अनुकूल रहें और बाजार कुशलता से काम करता है। गवर्नर ने कहा, ‘इस मुश्किल घड़ी में हमारे नागरिक जिस परेशानी का सामना कर रहे हैं, उससे बचाने और हालात सुधारने के लिए हम सरकार के साथ मिलकार काम करेंगे। जरूरत पड़ने पर हम अपारंपरिक उपायों और नए तरीकों को आजमाने के लिए तैयार भी हैं।
बैंकों द्वारा 50,000 करोड़ रुपये के आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा ऋण 31 मार्च, 2022 तक दिए जाएंगे, जिन्हें तीन साल में वापस किया जा सकता है। इन्हें प्राथमिक क्षेत्र के ऋण की श्रेणी में रखा जाएगा। प्राथमिक क्षेत्र के ऋण के लिए बैंकों को नकद आरक्षी अनुपात या सांवधिधिक तरलता अनुपात बरकरार रखने की जरूरत नहीं होती और यह कर्ज रियायती दर पर उपलब्ध होता है।
कोविड का दबाव कम करने के लिए आरबीआई गवर्नर ने व्यक्तिगत कर्जदारों एवं छोटे कारोबारों के लिए कर्ज पुनर्गठन का भी विस्तार किया है। इसके तहत 35 करोड़ रुपये तक के बकाये वाले वे कर्जदार अपना कर्ज दो साल के लिए पुनर्गठित करा सकते हैं, जिन्होंने पहले माॅरेटोरियम या पुनर्गठन का लाभी नहीं लिया है। यह सुविधा 30 सितंबर तक उपलब्ध होगी और बैंक इस बारे में अनुरोध प्राप्त होने के 90 दिन के अंदर कर्ज का पुनर्गठन करेंगे।
इस योजना के तहत 31 मार्च के मानक ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा। दास ने कहा कि पिछले साल दो साल से कम अवधि के कर्ज पुनर्गठन की सुविध लेने वाले व्यक्गित कर्जदार और छोटे कारोबारी अपने पुनर्भुगतान की अवधि को दो साल तक के लिए बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं।







