हम शाहजहांपुर में बगास आधारित पार्टिकल बोर्ड की एक नयी इकाई लगा रहें हैं। यूपी में बगास की उपलब्धता काफी अच्छी हैं। अतः उम्मीद है कि इस इकाई को कच्चे माल की लम्बे समय तक आपूर्ति होती रहेगी।

जैसा कि इस संवाद व समाधान कार्यक्रम में भी दोहराया गया है, यूपी में फिलहाल नया निवेश करने में काफी सुविधाएं प्रदान की जा रहीं हैं। यह सारी जानकारियां यूपी के सरकरी पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

जहां तक इस प्रोजेक्ट का सवाल है, सरकारी मशीनरी का काफी सहयोग मिला है। चाहे वह जमीन की उपलब्धता का सवाल हो या दूसरे अन्य किसी भी तकनीकी सहयोग का।

श्री अशोक अग्रवाल उत्तर प्रदेश के जाने माने उद्योगपति है। इन्डियन इन्डस्ट्रीज एसोसियेसन में प्रधान रहते हुए अपने कार्यकाल में उन्होनें विभिन्न उद्योगों के प्रसार और उनकी समस्याओं के समाधान में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब भी मुख्यमंत्री कार्यालय सहित संपूर्ण यूपी प्रशासन में उन्हें काफी सम्मान मिलता है।

वैसे तो उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी नए निवेश में उत्साहित है, हमें व्यक्तिगत तौर पर श्री अशोक अग्रवाल के उत्साहवर्द्धन और सहयोग का अतिरिक्त फायदा भी मिला। जिसकी वजह से हमारा प्रोजेक्ट निष्कंटक गति से चला।

हालांकि इस वक्त प्लाईवुड उद्योग का दूसरे राज्य में नई यूनिट स्थानांतरित करना सही कदम नहीं हो सकता। इसकी कई वजह है। बाजार की मौजूदा स्थिति, कच्चे माल की कीमतों में तेजी। क्यूसीओ के साथ ही लेबर भी मुख्य कारण है। इसके साथ ही सबसे बड़ी वजह यह है कि स्थापित प्लाईवुड यूनिट को किसी भी दूसरे राज्य में स्थापित करने में काफी रकम खर्च करनी पड़ेगी।

इतनी रकम लगा कर यूनिट को मुनाफे में लाना खासा चुनौती भरा काम है। इसमे दो राय नहीं कि यूपी सरकार इस दिशा में काफी सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है। फिर भी दूसरे राज्यों के उद्योग स्थानांतरित करने के लिए यह प्रयास काफी नहीं है।

यूं भी इस वक्त प्लाईवुड निर्माता अपने पहले वाले प्लांट को ही सही से संचालित करे तो बड़ी बात होगी। प्लाईवुड उद्योग अभी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अभी बाजार में ठहराव नहीं आ रहा है। इसलिए नई इन्वेस्टमेंट करना अभी सही नहीं हो सकता है। पुराने निर्माता अपना प्लांट अपने यहां से उठा कर यूपी या और कहीं भी ले जाए, यह व्यवहारिक कदम नहीं माना जा सकता है।

प्रत्यक्षतः जो नया प्लांट लगाना चाहते हैं, वह जरूर यूपी खासकर सहारनपुर में मिल रही छूट का लाभ उठा सकते हैं।

क्योंकि निश्चित रूप से कृषि वाणिकी से उत्तर प्रदेश में लकड़ी की उपलब्धता काफी अच्छी है।

बल्कि हम कह सकते हैं कि हरियाना के उद्योगों के लिए 70% आपूर्ति यूपी से ही हो रही है।

जो भी निर्माता नया लकड़ी आधारित उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए अभी यूपी सबसे बढ़िया डेस्टिनेसन है।


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