Next Phase of Bank Mergers to Create Larger Banks

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकीकरण के दूसरे चरण पर बातचीत शुरू होने का संकेत देते हुए सरकार ने भारत में बड़े बैंक बनाने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों के साथ चर्चा शुरू कर दी है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय देश में बड़ी बैंकिंग संस्थाओं के गठन के मार्ग में से एक है। क्योंकि देश को कई बड़े और विश्व स्तरीय बैंकों की जरूरत है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण का पहला चरण वित्त वर्ष 2019-20 में हुआ था। उस समय 13 बैंकों को मिलाकर 5 बैंक बनाए गए थे।

Berlina Plywood gif

भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के कुल 12 बैंक हैं मगर संपत्ति के आधार पर वैश्विक बैंकों की शीर्ष 50 सूची में केवल एक घरेलू बैंक है। एसऐंडपी रैंकिंग के अनुसार स्टेट बैंक (43वें) और एचडीएफसी बैंक (73वें) शीर्ष 100 वैश्विक बैंकों में शामिल हैं। शीर्ष चार वैश्विक बैंक चीन के हैं और शीर्ष 20 में से 7 बैंक भी इसी देश के हैं।

वित्त मंत्री कहा, ‘आपको ज्यादा सक्रिय होना होगा, ग्राहकों तक पहुंच बनानी होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आप जो भी करें, उसमें पुराने जमाने की बैंकिंग और नई तकनीक से संचालित बैंकिंग, दोनों का मिश्रण हो। सीतारमण ने कहा, ‘भाषा आपके ग्राहकों से संवाद करने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण में सबसे बड़ी बाधा है कि प्रायः सभी बैंक हमारी मानव संसाधन नीति के कारण अलग-अलग मातृभाषाओं वाले लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में नियुक्त करते हैं।‘


 👇 Please Note 👇

Thank you for reading our article!

If you don’t received industries updates, News & our daily articles

please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list.


 

 Natural