अपराध मुक्त यूपी अब बन रहा कारोबार और स्टार्टअप्स का हब
- सितम्बर 24, 2025
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अब उत्तर प्रदेश अपराध मुक्त हो कर आर्थिक विकास और नवाचार का नया अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन समारोह में कहा कि सुरक्षा, सुविधा और मजबूत कारोबारी स्थिति ने यूपी की पहचान बदल दी है और इसे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में अग्रणी बना दिया है।.
नीतियों से लेकर जमीनी सहयोग तक
उन्होंने अपना विजन साझा करते हुए कहा, “हर शोध एक उत्पाद बने, हर उत्पाद एक उद्योग बने और हर उद्योग भारत की ताकत बने। यही विकसित भारत और विकसित यूपी का मंत्र है।”
भारत का उभरता स्टार्टअप इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने यूपी की उपलब्धियों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में रखते हुए कहा कि बीते एक दशक में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम बेहद तेजी से बढ़ा है।
उन्होंने बताया, “पिछले 11 वर्षों में भारत में 1.9 लाख स्टार्टअप्स बने और अब अमेरिका व ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर है।
आज राज्य में 17,000 से अधिक स्टार्टअप्स कार्यरत हैं, जिनमें आठ यूनिकॉर्न शामिल हैं। इस इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए 72 इनक्यूबेटर और सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। सरकार ने अब तक स्टार्टअप्स को 137 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की है।
बदलाव ला रहे स्टार्ट अप्स
उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स ने स्वास्थ्य, कृषि, बायोटेक, ब्यूटी और पर्यावरण जैसे विविध क्षेत्रों में “प्रयोगशालाओं तक सीमित शोध” से आगे बढ़कर “लैब टू लैंड” और “लैब टू इंडस्ट्री” की पहल कर रहें हैं। इस सहयोगी भावना से स्टार्टअप्स को बाजार से जोड़ने और उनकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
बन रहा है वैश्विक इनोवेशन हब
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अब टेक्नोलॉजी और नवाचार का वैश्विक हब बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह परंपरागत उद्योगों और एमएसएमई को तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है। इस योजना की वजह से यूपी का निर्यात सालाना दो लाख करोड़ रुपये तक पहुँचा है।

योगी ने कहा, “2017 से पहले अवसरों की कमी के चलते मजदूर और युवा पलायन के लिए मजबूर थे। आज 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में दो करोड़ लोग रोजगार पा रहे हैं। 75 जिलों के 77 उत्पादों को जीआई टैग मिला है, जिससे उनकी वैश्विक पहचान बढ़ी है।”
शोध संस्थानों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित चार बड़े सीएसआईआर प्रयोगशालाओं की उपलब्धियों को भी सराहा।
- एनबीआरआई (राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान): जैविक खाद को बढ़ावा देकर नौ लाख एकड़ भूमि पर जैविक खेती प्रोत्साहित की।
- सीडीआरआई (सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट): नई दवाइयाँ विकसित कर राज्य में फार्मा पार्क और मेडिकल डिवाइस हब को मजबूती दी।
- आईआईटीआर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च): आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण अध्ययन किए।
- सिमैप (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स): पिपरमिंट आधारित उत्पादों और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़े नए आयाम दिए।
सीएम ने कहा, “जितना हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश करेंगे, उतना ही समाज प्रगतिशील बनेगा। जो राष्ट्र शोध और नवाचार पर ध्यान देंगे, वही दुनिया का नेतृत्व करेंगे।”
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