लकड़ी आधारित पैनल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भारतीय मानकों की वैश्विक मान्यता आवश्यक
- जुलाई 13, 2026
- 0
भारत का लकड़ी आधारित पैनल उद्योग (Wood Panel Industry) वर्तमान में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) के क्रियान्वयन, BIS मानकों के आधुनिकीकरण तथा गुणवत्ता-आधारित विनिर्माण पर बढ़ते फोकस के माध्यम से एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इन प्रयासों ने भारतीय प्लाईवुड एवं लैमिनेट उत्पादों की घरेलू विश्वसनीयता को मजबूत किया है, लेकिन अब उद्योग के सामने सबसे बड़ा अवसर निर्यात बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान प्राप्त करने का है।
इसी दिशा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा हाल ही में प्लाईवुड एवं लैमिनेट निर्माता संघों के साथ आयोजित ऑनलाइन बैठक एक सकारात्मक पहल रही। बैठक में निर्यात अवसरों की पहचान, अंतरराष्ट्रीय बाजारों की समझ तथा भारतीय निर्माताओं को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
मंत्रालय ने भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता और बेहतर होते गुणवत्ता मानकों को देखते हुए भारतीय प्लाईवुड एवं लैमिनेट निर्यात की मजबूत संभावनाओं पर प्रकाश डाला। हालांकि, उद्योग ने कुछ ऐसी चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जो अभी भी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित कर रही हैं। जिनमें प्रमुख हैः
लकड़ी की उंची लागत
उद्योग की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक भारत में लकड़ी (Timber) की ऊंची लागत है, जो प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक होने के कारण वैश्विक बाजारों में मूल्य प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, गुणवत्तापूर्ण लकड़ी की उपलब्धता में कमी भी निर्माताओं के लिए चुनौती बन रही है, जिससे दीर्घकालिक कच्चे माल की सुरक्षा पर दबाव बढ़ रहा है।
विदेशी प्रमाणनों की अनिवार्यता
एक अन्य महत्वपूर्ण चुनौती CARB, EUDR और FSC जैसे विदेशी प्रमाणनों (Certifications) की बढ़ती आवश्यकता है। विशेष रूप से MSME इकाइयों के लिए इन प्रमाणनों को प्राप्त करना महंगा, समय लेने वाला और जटिल प्रक्रिया वाला कार्य है। परिणामस्वरूप, भारतीय मानकों का पालन करने के बावजूद कई छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए निर्यात करना कठिन हो जाता है।
भारतीय मानकों की वैश्विक मान्यता आवश्यक
उद्योग ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि QCO के तहत भारतीय ISI मानकों में व्यापक सुधार हुआ है और आज ये तकनीकी रूप से मजबूत तथा कई वैश्विक मानकों के समकक्ष हैं। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच भारतीय मानकों और प्रमाणनों की विश्वसनीयता के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है।
यदि भारतीय BIS मानकों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलती है, तो अनुपालन की दोहराव वाली प्रक्रियाएं कम होंगी और विशेष रूप से MSME उद्योगों के लिए निर्यात के बेहतर अवसर उत्पन्न होंगे।
भारत की एग्रो-फॉरेस्ट्री की ताकत
दुनिया के कई देशों के विपरीत, जहां लकड़ी उद्योग प्राकृतिक वनों पर अत्यधिक निर्भर है, भारत का प्लाईवुड उद्योग मुख्य रूप से एग्रो-फॉरेस्ट्री और किसानों द्वारा उगाई गई लकड़ी पर आधारित है। यह उद्योग टिकाऊ वृक्षारोपण (Sustainable Plantation) को बढ़ावा देता है तथा किसानों को लकड़ी उत्पादन के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
इसी कारण उद्योग का मानना है कि भारत के वुड पैनल सेक्टर को वन-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और उस पर अनेक विदेशी वानिकी प्रमाणनों की अनिवार्यता भी कम होनी चाहिए।
आगे की राह
लकड़ी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए उद्योग ने सरकार और राज्य वन विभागों से पॉपलर तथा यूकेलिप्टस (लिप्टस) के बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। बेहतर प्लांटेशन समर्थन, किसानों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं तथा सरल एग्रो-फॉरेस्ट्री नीतियां भविष्य में कच्चे माल की उपलब्धता को काफी हद तक सुधार सकती हैं।
भारतीय लकड़ी आधारित पैनल उद्योग पहले ही गुणवत्ता और आधुनिकीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित कर चुका है। यदि भारतीय मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता मिले, कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत हो तथा सरकार की सहयोगात्मक नीतियां जारी रहें, तो भारत के पास प्लाईवुड और लैमिनेट उत्पादों के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक निर्यातक बनने की अपार संभावनाएं हैं।
👇 Please Note 👇
Thank you for reading our article!
If you don’t received industries updates, News & our daily articles
please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list.
Please follow our WhatsApp Channel “Ply & Panel Ind. News”






Ply insight launched on March 2018 with a vision to make a platform to collaborate plywood MDF, Laminate, machinery manufactures with dealers in the Trade.
Categories
Useful Links
Follow Us