मानकों को पूरा करना उद्योग की जिम्मेवारी, समस्या है तो मिल जुल कर समाधान निकालेंगे
- अप्रैल 24, 2025
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काशीपुर में मानक मंथन कार्यक्रम में बीआईएस की नार्थ जोन की उपमहानिदेशक स्नेहलता ने कहा कि लकड़ी उत्पादकों के लिए जो गुणवत्ता मानक बनाए गए हैं, उन्हें मानना उद्योगपतियों के लिए फायदेमंद होगा। समस्या के समाधान के लिए बीआईएस हर वक्त उद्योपगतियों के साथ खड़ा है। उद्योगपतियों की मांग पर पहले भी मानकों में कई संशोधन हुए हैं। आगे भी यदि आवश्यकता हुई तो संशोधन के लिए बीआईएस तैयार है।
स्नेहलता भारतीय मानक ब्यूरो के, यूके, यूपी प्लाई एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित कुमाऊं गढ़वाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में, 22 अप्रैल बुधवार को, मानक मंथन कार्यक्रम में बोल रही थी।
मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट ने बीआईएस प्रमाणित वस्तुओं के प्रति ग्राहकों की बढ़ती रूचि का जिक्र किया। उन्होंने अपने कई निजी संस्मरणों के साथ गुणवत्ता पूर्ण बीआईएस प्रमाणित उत्पाद लेने में महिलाओं की जागरूकता की भी सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चैम्बर के अध्यक्ष अशोक बंसल ने की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता हमारे उत्पादन और मार्केटिंग दोनों के लिए सर्वाेपरी है।
यूके प्लाई एसोसिएशन के सचिव संदीप गुप्ता ने कहा कि प्लाईवुड इंडस्ट्री के मानकों की गुणवत्ता में सुधार लाने से न सिर्फ ग्राहकों तक गुणवत्ता वाला उत्पाद पहुंचेगा, बल्कि इससे हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
बीआईएस के निदेशक सौरभ तिवारी ने जहां उद्योगपतियों की शंकाओं का निवारण किया, वहीं यह आश्वासन भी दिया कि उनकी हर समस्या के समाधान के लिए वह हर वक्त तैयार है। बीआईएस के केयर ऐप के माध्यम से अब उपभोक्ता घर बैठे ही उत्पादों की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गुणवत्ता मानकों ने जहां उद्योगपतियों की यह जिम्मेदारी सुनिश्चित की है कि वह उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करेंगे, वहीं विभाग उद्योग में कैसे मानकों का पालन कराएगा, इसके लिए भी गाइड लाइन तैयार की गयी है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके ब्रॉंड का नकली उत्पाद तैयार करता और बेचता है तो इसकी शिकायत उचित प्लेटफार्म पर करके बीआईएस को भी इसकी जानकारी दें। जिससे वह भी इस दिशा में उचित कानूनी कार्यवाही कर सके। उन्होंने कहा कि मानक तो अनिवार्य रूप से लागू हो गए हैं, अब उद्योगपतियों को चाहिए कि वह मानकों के अनुसार ही अपने उत्पाद को तैयार करें।
संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी ने प्लाईवुड निर्माताओं को संवाधित करते हुए कहा कि अनिवार्य बीआईएस से नकली उत्पाद तैयार करने वालों पर बहुत हद तक रोक लग सकती है।
एसोसिएशन की ओर से आदित्य गुप्ता ने बहुत ही बेहतर तरीके से प्लाईवुड निर्माताओं की समस्याओं पर एक प्रेजेंटेंशन दी। उन्होंने सिलसिलेवार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उद्योपगतियों की समस्याओं को बीआईएस के सामने रखा। सौरभ तिवारी ने बीआईएस के परिपेक्ष्य से इन पर विचार रखे।
कार्यक्रम में प्रदीप शेखावत, संयुक्त निदेशक सिविल इंजीनियर विभाग ने मानकों में किए गए संशोधनों के बारे में ऑन लाईन जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार संशोधन हो सकते हैं, इसके लिए उद्योपगतियों को चाहिए कि वह टेस्ट रिपोर्ट साक्ष्यों के साथ अपनी बात विभाग के सामने रखे।
डब्ल्यूटीए के अध्यक्ष गजेंद्र राजपूत व सचिव मनोज ग्वारी ने मानकों को लेकर एक ज्ञापन भी दिया।
इस अवसर पर यूके यूपी प्लाई एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश मिढ्डा जनरल सेक्रेेट्ररी संदीप गुप्ता, एवं हरदीप और क्षितिज मिड्डा ने भी उद्योगपतियों की समस्याओं को रखा।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के लगभग सभी प्लाइवुड निर्मातों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित होते रहने चाहिए। जिससे उद्योगपतियों को अपनी बात रखने का एक मंच मिल सके।
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