चार साल तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें जस की तस रखने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने भी आखिरकार दाम बढ़ाना शुरू कर ही दिया। ऐसे में कई महीनों से 4 फीसदी के नीचे चल रही मुद्रास्फीति में भी इजाफा होने की संभावना है।

बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है और मंद पड़ी अर्थव्यवस्था में व्यवसायों में कमाई’ कम होते चले जाने के कारण उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की मांग में कमी के लक्षण नजर आने लगे है और व्यवसाय अपने खर्चों, आपूर्ति श्रृंखलाओं, बिक्री और मांग पूर्वानुमानों पर दोबारा विचार कर रहे हैं।

आवश्यक वस्तुओं की कीमतें पहले ही 2 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यह भी तब है, जब तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को बाजार मूल्य से कम पर बेचने के कारण हो रहे घाटे की एक तिहाई भरपाई ही हालिया मूल्य वृद्धि से हो पा रही है।

तेल विपणन कंपनियों को बिक्री पर हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है और अगर उसका आधा बोझ भी उपभोक्ताओं पर डाला जाए तो घरों के बजट पर सालाना 2.0 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की चोट पड़ेगी।

Harpa GIF

हालांकि इस बात पर मतभेद हो सकता है कि पश्चिम एशिया संकट से मांग में कितनी गंभीर मंदी हो सकती है। मगर अक्सर नजरअंदाज कर दी जाने वाली एक बात पर इस बार नजर रखनी चाहिए और वह है शेयर बाजार की संपत्ति पर इसका असर। देश में 24 करोड़ से अधिक डीमैट और ट्रेडिंग खाते हैं और हर महीने लगभग 30 लाख नए खाते जुड़ रहे हैं।

साल की शुरुआत से अब तक शेयर बाजार की संपत्ति करीब 40 लाख करोड़ रुपये घट चुकी है। बाजार पूंजीकरण में देसी संस्थागत निवेशकों का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा है, जिसमें से एक-तिहाई से ज्यादा खुदरा निवेशकों का है, जो उन्होंने म्युचुअल फंडों के जरिये लगाया है। और इस तरह से, शेयर बाजार में भारतीय परिवारों की दौलत करीब 10 लाख करोड़ रुपये कम हो गई है।

प्रमुख कंपनियों ने इस कैलेंडर वर्ष में वॉल्यूम वृद्धि का अपना अनुमान पहले ही घटा लिया है। निर्माता मांग की कठिन स्थिति के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं, जबकि कच्चे माल और मालभाड़े की बढ़ती लागत के कारण उन्हें कीमतें कई बार बढ़ानी भी पड़ रही हैं।

मॉनसून कमजोर रहने के पूर्वानुमान और आय पर इसके प्रतिकूल प्रभाव तथा बढत्ती खाद्य कीमतों को देखकर ऐसा लग रहा है कि देश के उपभोक्ता बाजार और सभी निर्माताओं के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली है।


 👇 Please Note 👇

Thank you for reading our article!

If you don’t received industries updates, News & our daily articles

please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list.


Follow our Whatsapp Channel”Ply & Panel Ind. News”


Natural Natural