बीमा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के कारण होर्मुज स्ट्रेट स्थायी तौर पर खुलता है और क्षेत्रीय तनाव कम होता है तो समुद्री युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में नरमी आ सकती है।

अमेरिका और ईरान ने फरवरी के आखिर में शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति जताई है।

उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आगाह किया है कि इस सकारात्मक घटनाक्रम के बावजूद बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम में तत्काल कमी किए जाने की संभावना नहीं है। अब यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि इस समझौता ज्ञापन से उस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही में कितना सुधार होता है।

बीमा ब्रोकरों के अनुसार, बीएमआईपी के शुरू होने से पहले पुनर्बीमाकर्ता फारस की खाड़ी से गुजरने वाले माल के लिए उसके मूल्य का 2 से 3 फीसदी तक युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम वसूल रहे थे।

चार महीने के इस संघर्ष के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय बीमाकर्ताओं और पुनर्बीमाकर्ताओं ने या तो उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों के लिए युद्ध-जोखिम बीमा कवर को वापस ले लिया था अथवा प्रीमियम में भारी वृद्धि कर दी थी।

भारतीय बीमा ब्रोकर संघ (आईबीएआई) के अनुसार, बीमा कंपनियां अगले कुछ सप्ताह में स्थिति पर नजर रखते हुए इंतजार करने की रणनीति पर अमल कर सकती हैं क्योंकि दोबारा तनाव बढ़ने, परिचालन में बाधाएं आने या समझौते के उल्लंघन की आशंकाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।


 👇 Please Note 👇

Thank you for reading our article!

If you don’t received industries updates, News & our daily articles

please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list.


Join our Whatsapp Chennal “Ply & Panel Ind. News”


Natural Natural