ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज़’’ ने अपने ’’संडीला (उत्तर प्रदेश)’’ स्थित प्लाईवुड संयंत्र में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से आए उद्योगपतियों के लिए उत्पादन प्रक्रिया का विशेष प्रदर्शन किया। सामान्यतः प्रत्येक विनिर्माण इकाई अपनी उत्पादन तकनीकों को गोपनीय रखना पसंद करती है, लेकिन ’’फेडरेशन ऑफ इंडियन प्लाईवुड एंड पैनल इंडस्ट्री (FIPPI)’’ के अध्यक्ष ’’श्री राजेश मित्तल’’ ने संडीला इकाई को उद्योग जगत के लिए खोलकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस संयंत्र में प्लाईवुड के ’’कोर’’ को अधिक नमी (High Moisture) के साथ प्रेस किया जाता है। सामान्यतः किसी भी प्लाईवुड के निर्माण में कोर की ’’नमी (Moisture Content)’’ 4% से 10% के बीच रखी जाती है। यदि यह इससे अधिक हो जाए, तो प्लाईवुड में बुलबुले (Bubbles) या स्टीम पॉकेट जैसी समस्याएँ उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

हालाँकि, ग्रीनप्लाई के संडीला संयंत्र में अपनाई गई इस विशेष तकनीक में कोर की नमी लगभग ’’15%’’ तक रखी जाती है, जिससे ऊर्जा की उल्लेखनीय बचत होती है। विशेष रूप से विकसित रेज़िन का उपयोग करते हुए प्लाईवुड शीट्स को पहले ’’प्री-प्रेस’’ किया जाता है और उसके बाद ’’हॉट प्रेस’’ के माध्यम से अंतिम आकार दिया जाता है।

यह तकनीक लंबे समय से उद्योग जगत में चर्चा का विषय बनी हुई थी, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से इसे देखने का अवसर न मिलने के कारण अधिकांश उद्योगपति इसे अपनाने को लेकर दुविधा में थे। ग्रीनप्लाई के संयंत्र में इस तकनीक को प्रत्यक्ष रूप से देखने के बाद उद्योगपतियों की शंकाएँ काफी हद तक दूर हुईं। उन्हें इस आधुनिक तकनीक के लाभों के साथ-साथ इसे अपनाने में आने वाली चुनौतियों की भी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हुई।

मुख्य रूप से पंजाब और यमुनानगर से आए उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए ’’श्री राजेश मित्तल’’ ने कहा कि किसी भी उद्योग का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब सभी मिलकर नई सोच और तकनीकों को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाने में प्रारंभिक निवेश अवश्य अधिक होता है, लेकिन समय के साथ यह दैनिक उत्पादन लागत को उल्लेखनीय रूप से कम कर देता है। यदि प्लाईवुड उद्योग को ’’एमडीएफ’’ जैसी उन्नत तकनीकों से प्रतिस्पर्धा करनी है, तो उसे अपनी कार्यशैली और सोच में बदलाव लाते हुए लागत के स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनना होगा।

ग्रीनप्लाई के ’’श्री जे.के. जैन’’ एवं ’’श्री शिवप्रकाश’’ ने उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल का संयंत्र में स्वागत किया तथा पूरी उत्पादन प्रक्रिया और तकनीक का अत्यंत समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ विस्तृत प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के समापन पर ’’कल्याण इंडस्ट्रीज़’’, ’’चौपाल इंडस्ट्रीज़’’ तथा ’’वुडमैक इंडस्ट्रीज़’’ ने अपनी नवीनतम एवं उन्नत मशीनों की विस्तृत जानकारी उद्योगपतियों को दी। इन मशीनरी निर्माताओं ने इस आयोजन में को स्पान्सर बन कर ’’उत्तर प्रदेश प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन’’ का विशेष सहयोग किया।

अंत में, एसोसिएशन के ’’उपाध्यक्ष श्री दीपक अग्रवाल’’, ’’महासचिव श्री अनुज गर्ग’’ तथा ’’कोषाध्यक्ष श्री शेखर अग्रवाल’’ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, एवं उद्योगपतियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।