हीटवेव के अलावा हाजिर बिजली खरीदने में अरूचि भी बिजली कटौती का कारण
- मई 28, 2026
- 0
ग्रिड-इंडिया के आंकड़े नगण्य कमी दिखाते हैं, लेकिन वास्तविक बिजली कटौती अलग कहानी कहती है।
पर्याप्तता का आकलन राज्य स्तर पर किया जाता है न कि घर-घर के स्तर पर। जब बिजली राज्य की सीमा तक पहुंचती है तो वह राज्य की ट्रांसमिशन यूटिलिटी और फिर डिस्कॉम्स से होकर उपभोक्ताओं तक जाती है। सिस्टम वहां पर्याप्त दिख सकता है, लेकिन यह उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही वास्तविक कमी को नहीं दर्शाता।
बिजली कटौती की कई वजह हैं। पुरानी वितरण व्यवस्था, हाजिर मार्केट में ऊंचे बिजली दाम, ट्रांसमिशन की बाधाएं और ताप बिजली घरों पर दबाव। कई वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) का पुराना ढांचा ऊंचे तापमान और चरम मांग को एक साथ संभाल नहीं पाता।
शायद सबसे बड़ी समस्या स्थानीय ग्रिड स्तर पर है। कई ट्रांसफॉर्मर, फीडर और ट्रांसमिशन लाइनें पुरानी और अत्यधिक लदी हुई हैं। हीटवेव और गर्मियों की चरम मांग के दौरान ट्रांसफॉर्मर फेल हो जाते हैं और फीडर ट्रिप कर जाते हैं। इससे स्थानीय बिजली कटौती होती है भले ही सिस्टम में बिजली उपलब्ध हो।
इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता के आधार पर ताप बिजली घरों को बिजली आपूर्ति बढ़ाने-घटाने का दबाव भी जबरन बिजली कटौती का कारण बन रहा है।
What is Spot Power?
हाजिर बिजली (Spot Power या Real-Time Power) वह बिजली है जिसे तत्काल डिलीवरी के लिए हाजिर बाजार (Spot Market) में खरीदा या बेचा जाता है। यह लंबी अवधि के अनुबंधों (Power Purchase Agreements) के विपरीत होती है। इसमें बिजली की खरीद-फरोख्त कुछ ही मिनटों से लेकर अधिकतम अगले दिन (Day-Ahead) के लिए होती है।
हाजिर बिजली कैसे काम करती है?
- तत्काल सौदाः इसमें बिजली एक्सचेंजों (जैसे इंडियन एनर्जी एक्सचेंज - IEX) पर खरीदार और विक्रेता वास्तविक समय (Real-Time) की कीमतों पर बोली लगाते हैं।
- समय-सीमाः यह आम तौर पर 15-मिनट के ब्लॉक में ट्रेड होती है।
- मांग और आपूर्तिः यदि किसी क्षेत्र में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, तो हाजिर बिजली की कीमत बढ़ जाती है। वहीं, सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों के उत्पादन के समय कीमतें काफी गिर जाती हैं।
निजी या राज्य सरकारी बिजली वितरण कंपनियां Discoms जब अपने राज्य में मांग पूरी नहीं कर पाती, तो हाजिर बाजार से बिजली खरीदती हैं।
भले ही डिस्कॉम्स अधिक मांग का पूर्वानुमान लगाती हैं लेकिन कई मामलों में वे महंगी हाजिर बिजली खरीदने के बजाय लोड शेडिंग का सहारा ले लेती हैं।
हालांकि इसे गैर कानूनी नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन उपभोक्ता को बिजली कटौती की परेशानी तो झेलनी ही पड़ती हैं।
👇 Please Note 👇
Thank you for reading our article!
If you don’t received industries updates, News & our daily articles
please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list.
Join our Whatsapp Channel “Ply & Panel Ind. News”






Ply insight launched on March 2018 with a vision to make a platform to collaborate plywood MDF, Laminate, machinery manufactures with dealers in the Trade.
Categories
Useful Links
Follow Us