भारत के सीमावर्ती जिलों में घटी खाद बिक्री
- अक्टूबर 31, 2026
- 0
सरकार के एक विश्लेषण से पता चलता है कि देश के कुछ सीमावर्ती जिलों में खरीफ 2025 और 2026 के बीच उर्वरक की बिक्री में 37.56 फीसदी की भारी गिरावट आई। यह गिरावट तब आई जब एग्रीस्टैक या अन्य प्लेटफॉर्म के जरिये उर्वरक बिक्री को किसानों की आईडी, फसल की जरूरत और भूमि रिकॉर्ड से जोड़े जाने की शुरुआत हुई। इन आंकड़ों से यह भी संकेत मिलता है कि शायद कीमतों में भारी अंतर के कारण भारत से नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में उर्वरक और विशेष रूप से यूरिया की तस्करी हो रही थी। भारत में औद्योगिक इस्तेमाल के लिए बेचे जाने वाले टेक्निकल ग्रेड यूरिया (टीजीयू) की कीमत में बड़े अंतर के कारण खेती में इस्तेमाल होने वाले यूरिया का औद्योगिक इस्तेमाल शुरू हो जाता है। भारत में कृषि के लिए यूरिया की बिक्री भारी सब्सिडी के साथ की जाती है और 45 किलोग्राम की बोरी की कीमत करीब 265 रुपये है। मगर सितंबर 2026 में 392 डॉलर प्रति टन की कीमत के हिसाब से इसकी 45 किलोग्राम की बोरी की मौजूदा वैश्विक कीमत करीब 1,700 रुपये है। मई 2026 में आयात लागत सहित इसकी कीमत 950 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई थी। आंकड़ों से पता चलता है कि एग्रीस्टैक एवं अन्य संबंधित प्लेटफॉर्म से उर्वरक बिक्री को जोड़े जाने के बाद मेघालय के कुछ सीमावर्ती जिलों में इसकी बिक्री 17.35 फीसदी तक घट गई। इसी प्रकार त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों में यह गिरावट 81.42 फीसदी तक पहुंच गई। इन दोनों राज्यों की सीमा बांग्लादेश से मिलती है। इसके अलावा असम (59.65) बिहार (28.61) हिमाचल प्रदेश (18.31) जम्मू-कश्मीर (23.92) पं बंगाल (37.63) में भी यह गिरावट दिखाई पड़ रही है। एग्रीस्टैक कृषि मंत्रालय की ओर से तैयार किसानों पर केंद्रित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी (डीपीआई) ढांचा है। यह हर किसान की पूरी जानकारी उपलब्ध कराता है। इसमें किसान का विवरण, भूमि रिकॉर्ड, उगाई जाने वाली फसलें और पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से जुड़ी परिसंपत्तियां शामिल हैं। एग्रीस्टैक में कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन बुनियादी रजिस्टर हैं। इनमें किसान रजिस्टर, भू-संदर्भित गांव के नक्शे और बोई गई फसलों का रजिस्टर शामिल हैं। किसान आईडी बनाने के लिए किसानों की जानकारी को उनके डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाता है। 30 जुलाई 2026 तक 11 करोड़ के कुल लक्ष्य में से करीब 10.28 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी थीं। जब इन आंकड़ों को ज्यादा किसानों तक पहुंचने के साथ देखा जाता है तो संकेत मिलता है कि एफएफएस के कारण उर्वरक अधिक किसानों तक पहुंच रहा है। साथ ही खेती के अलावा अन्य कार्यों में उसके इस्तेमाल पर अंकुश भी लगा है। सूत्रों ने बताया कि किसानों को एफएफएस व्यवस्था उपयोगी, पारदर्शी और उन्हें अधिक अधिकार देने वाली लगी है। एफएफएस में उर्वरक की बुकिंग और बिक्री से पहले सत्यापित किसान, जमीन, फसल और उर्वरक की जरूरत को आपस में लिंक किया जाता है। इससे उर्वरक को दूसरी जगह भेजे जाने के जोखिम पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है। एफएफएस यानी फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल उर्वरक की बुकिंग और बिक्री से पहले सत्यापित किसानों, उनके पास मौजूद भूमि, फसलों और उर्वरक की जरूरतों को आपस में जोड़ता है, जिससे उर्वरक के गलत इस्तेमाल को शुरुआत में हीं रोका जा सकता है। यह एकीकृत मोबाइल और वेब-आधारित एक आईटी प्लेटफॉर्म के जरिये एग्रीस्टैक किसान आईडी या राज्यस्तरीय किसान आईडी कार्ड को आईएफएमएस यानी इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ता है। इस व्यवस्था के तहत एग्रीस्टैक यानी किसान पहचान संख्या या राज्य स्तर के किसान पहचान पत्रों को एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) से जोड़ा गया है। इसके लिए एक एकीकृत आईटी प्लेटफॉर्म बनाया गया है जिसका इस्तेमाल मोबाइल और वेबसाइट के जरिये किया जा सकता है। आईएफएमएस भारत में उर्वरक प्रबंधन की डिजिटल व्यवस्था है। इसका संचालन केंद्र सरकार का उर्वरक विभाग करता है। यह उर्वरक से जुड़े प्रमुख कार्यों को जोड़ता है जिनमें उत्पादन, आयात, परिवहन, स्टॉक की उपलब्धता, खुदरा बिक्री और सब्सिडी की प्रक्रिया शामिल हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार एफएफएस फिलहाल 30 राज्यों के करीब 268 जिलों में पायलट आधार पर लागू है। एफएफएस की शुरुआत हर राज्य के दो जिलों में पायलट परियोजना के तौर पर की गई थी। धीरे-धीरे उसमें विस्तार करने की योजना है। 👇 Please Note 👇 Thank you for reading our article! If you don’t received industries updates, News & our daily articles please Whatsapp your Wapp No. or V Card on 8278298590, your number will be added in our broadcasting list. Join our WhatsApp Channel “Ply & Panel Ind. News”






Ply insight launched on March 2018 with a vision to make a platform to collaborate plywood MDF, Laminate, machinery manufactures with dealers in the Trade.
Categories
Useful Links
Follow Us