अवैध तरीके से ₹1.29 लाख करोड़ के विदेशी धन प्रेषण का पता लगाया
- सितम्बर 12, 2026
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आयकर विभाग ने विदेशों में भेजी गई बड़ी रकम से जुड़े एक व्यापक मामले का पता लगाया है। जांच में 6,422 नई पहचानी गई संस्थाओं का खुलासा हुआ है, जिन्होंने सामूहिक रूप से ₹1.29 लाख करोड़ विदेश भेजे। इस मामले में अब तक 394 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि कई अन्य कंपनियां और व्यक्ति भी जांच के दायरे में हैं।
जांच में पाया गया कि विदेश भेजी गई कुल राशि का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा देशों और क्षेत्रों में गया। सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), हांगकांग, मॉरीशस और चीन को मिलाकर कुल विदेशी धन प्रेषण का 72.3 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ।
इनमें सिंगापुर सबसे बड़ा गंतव्य रहा, जहां ₹41,885 करोड़ भेजे गए। इसके बाद UAE को ₹18,331 करोड़ और हांगकांग को ₹18,064 करोड़ की राशि भेजी गई।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह एक बड़ा और व्यापक मामला है तथा जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही धन के लेन-देन के वास्तविक तरीके और इसके पीछे अपनाई गई कार्यप्रणाली का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस मामले की निगरानी राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारी भी कर रहे हैं।
विदेश भेजी जा रही राशि की गति ने भी चिंता बढ़ाई है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में ₹43,048 करोड़ विदेश भेजे गए, जो वित्त वर्ष 2025 के पूरे वर्ष में भेजी गई राशि के लगभग 78 प्रतिशत के बराबर है।
जांच एजेंसियां अब धन के स्रोत, लेन-देन की प्रकृति और विदेशी हस्तांतरण से लाभ प्राप्त करने वाले वास्तविक लाभार्थियों की जांच कर रही हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अब तक 394 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। कई अन्य कंपनियां और व्यक्ति भी जांच के दायरे में हैं तथा आने वाले दिनों में और तलाशी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की संभावना है।
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