प्रौद्योगिकी का ज्ञान उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में सहायक होता है। निर्मित उत्पाद मानकों के अनुरूप होना चाहिए तथा अपने अंतिम उपयोग में उपभोक्ता की आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए।

विनिर्माण प्रक्रिया में कई बार अंतिम उत्पाद अंतिम उपयोग हेतु आवश्यक सभी गुणों को पूरा नहीं कर पाता, जो यह दर्शाता है कि उत्पाद निर्माण प्रक्रिया में कहीं न कहीं कमी रह गई है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मानक विकसित एवं लागू किए जाते हैं, ताकि सुनिश्चित गुणवत्ता वाले उत्पाद निर्मित हो और उत्पादों के अपेक्षित उपयोगों को पूरा कर सकें।

अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में सबसे प्रमुख कारक कच्चे माल की गुणवत्ता और मानक उत्पादन प्रक्रिया है। कच्चे माल, जिनमें लकड़ी के लॉग, विनियर तथा रसायन शामिल हैं, की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और परीक्षण आवश्यक होते हैं, ताकि उत्पादन प्रक्रिया शुरू होने से पहले आवश्यक एवं समान गुणवत्ता वाला कच्चा माल उत्पादन लाइन तक पहुँच सके।

उत्पाद की अंतिम गुणवत्ता का आकलन तैयार उत्पाद के परीक्षण तथा परीक्षण परिणामों की निर्धारित मानकों एवं अंतिम उपयोग की आवश्यकताओं से तुलना करके किया जा सकता है। प्लाईवुड के मामले में तैयार उत्पाद की बॉन्डिंग क्षमता, भौतिक एवं यांत्रिक गुण, मौसम प्रतिरोधक क्षमता तथा जैविक क्षरण के प्रति प्रतिरोध का परीक्षण किया जाता है और उनके परिणामों की तुलना निर्धारित मानकों से की जाती है।

यदि परीक्षण परिणाम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते, तो उत्पादन टीम को यह जांच करनी होती है कि इसका कारण निम्न गुणवत्ता वाला या खराब हो चुका कच्चा माल है अथवा मानक उत्पादन प्रक्रिया में कोई त्रुटि हुई है।

प्रौद्योगिकी का ज्ञान उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण में सहायक होता है। निर्मित उत्पाद मानकों के अनुरूप होना चाहिए तथा अपने अंतिम उपयोग में उपभोक्ता की आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए।

विनिर्माण प्रक्रिया में कई बार अंतिम उत्पाद अंतिम उपयोग हेतु आवश्यक सभी गुणों को पूरा नहीं कर पाता, जो यह दर्शाता है कि उत्पाद निर्माण प्रक्रिया में कहीं न कहीं कमी रह गई है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मानक विकसित एवं लागू किए जाते हैं, ताकि सुनिश्चित गुणवत्ता वाले उत्पाद निर्मित हो और उत्पादों के अपेक्षित उपयोगों को पूरा कर सकें।

अंतिम उत्पाद की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों में सबसे प्रमुख कारक कच्चे माल की गुणवत्ता और मानक उत्पादन प्रक्रिया है। कच्चे माल, जिनमें लकड़ी के लॉग, विनियर तथा रसायन शामिल हैं, की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी और परीक्षण आवश्यक होते हैं, ताकि उत्पादन प्रक्रिया शुरू होने से पहले आवश्यक एवं समान गुणवत्ता वाला कच्चा माल उत्पादन लाइन तक पहुँच सके।

उत्पाद की अंतिम गुणवत्ता का आकलन तैयार उत्पाद के परीक्षण तथा परीक्षण परिणामों की निर्धारित मानकों एवं अंतिम उपयोग की आवश्यकताओं से तुलना करके किया जा सकता है। प्लाईवुड के मामले में तैयार उत्पाद की बॉन्डिंग क्षमता, भौतिक एवं यांत्रिक गुण, मौसम प्रतिरोधक क्षमता तथा जैविक क्षरण के प्रति प्रतिरोध का परीक्षण किया जाता है और उनके परिणामों की तुलना निर्धारित मानकों से की जाती है।

यदि परीक्षण परिणाम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते, तो उत्पादन टीम को यह जांच करनी होती है कि इसका कारण निम्न गुणवत्ता वाला या खराब हो चुका कच्चा माल है अथवा मानक उत्पादन प्रक्रिया में कोई त्रुटि हुई है।

इस पुस्तक में कच्चे माल, मध्यवर्ती उत्पादों तथा तैयार प्लाईवुड के सभी आवश्यक इन-हाउस परीक्षण शामिल किए गए हैं। यह पुस्तक प्लाईवुड फैक्ट्री एवं परीक्षण प्रयोगशालाओं में कार्यरत प्रशिक्षुओं एवं तकनीशियनों को, प्लाईवुड निर्माण एवं अंतिम उत्पादों में आवश्यक सभी परीक्षणों को करने में, मार्गदर्शन प्रदान करेगी। सभी परीक्षणों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है।

परंपरागत परीक्षण विधियों के अतिरिक्त, पुस्तक में कुछ अतिरिक्त परीक्षण भी सम्मिलित किए गए हैं। जो गुणवत्ता नियंत्रण एवं उत्पादन के दौरान प्लाईवुड की ऑनलाइन गुणवत्ता मूल्यांकन हेतु उपयोगी एवं त्वरित हैं।

इस प्रकार, यह पुस्तक प्लाईवुड उद्योग में कार्यरत रसायनज्ञों एवं गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों के लिए दैनिक गुणवत्ता रखरखाव तथा फैक्ट्री उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूपता की पुष्टि करने हेतु एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी।