योगेश बंग के साथ एक विशेष चर्चा: चुनौतियाँ, समाधान और भविष्य की राह

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। प्लाईवुड, लैमिनेट और पैनल इंडस्ट्री के लिए यह समय केवल एक नई शुरुआत नहीं, बल्कि एक श्निर्णायक मोड़श् है। श्प्लाई इनसाइटश् के साथ एक विशेष बातचीत में, अखिल भारतीय प्लाईवुड और लेमिनेट ट्रेडर्स एसोसियेसन के अध्यक्ष और उद्योग विशेषज्ञ योगेश बंग ने बाजार की वर्तमान अनिश्चितता, वित्तीय जोखिमों और आने वाले समय की रणनीतियों पर खुलकर अपने विचार रखे।

अप्रैल कवार्टर: साल भर का लिटमस टेस्ट’

योगेश बंग का मानना है कि अप्रैल-जून का पहला क्वार्टर यह तय करेगा कि पूरा साल व्यापारियों के लिए कैसा रहने वाला है। उनके अनुसार, “यदि शुरुआत अच्छी हुई तो अंत भी अच्छा होगा।“ वर्तमान में बाजार में वित्तीय समस्याएं और पेमेंट रुकने की खबरें चिंता का विषय बनी हुई हैं, इसलिए व्यापारियों को बहुत सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत है।

सावधान! कंपनियों के “TOD और टूर ट्रैप” से बचें

मार्च के अंत में अक्सर कंपनियां Turnover Discount (TOD) और फॉरेन टूर स्कीम्स का लालच देकर व्यापारियों पर माल डंप करने का दबाव बनाती हैं। योगेश जी चेतावनी देते हैं कि टार्गेट पूरा करने के चक्कर में व्यापारी अक्सर क्षमता से अधिक माल उठा लेते हैं और उसे ऐसे हाथों में (Credit पर) दे बैठते हैं जहाँ से वसूली मुश्किल हो जाती है।

व्यापारियों के लिए सलाह: किसी भी सेल्स प्रेशर में आकर अपनी ‘‘क्रेडिबिलिटी‘‘ और ‘‘कैपिटल‘‘ जोखिम में न डालें।

ग्लोबल संकट और कच्चे माल की हकीकत

अंतरराष्ट्रीय युद्धों और सप्लाई चेन में हो रही भारी तबाही ने हमारी इंडस्ट्री को भी लपेटे में ले लिया है।

  • आयात पर निर्भरता: उदाहरण के लिए, भारत आज भी अपनी 85% यूरिया खपत के लिए आयात पर निर्भर है, जो गैस से बनती है। इसके अलावा फोरमलडिहाड, मेथानोल, फेनोल जैसे रसायनों के अलावा लकड़ी का आयात ही उद्योग के लिए कच्चे माल का मूख्य श्रोत है।
  • अल्टरनेट एनर्जी की जरूरत: जब तक हम सोलर और इंडक्शन जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर पूरी तरह शिफ्ट नहीं होंगे, तब तक कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

कीमतों में उछाल: 1 अप्रैल से क्या बदलने जा रहा है?

बाजार में रेट हाइक का सिलसिला शुरू हो चुका है:

  • बड़े ब्रांड्स: Green, Century और Merino जैसे दिग्गजों ने 1 अप्रैल से नए रेट प्रभावी कर दिए हैं।
  • इंडस्ट्री का हाल: प्लाईवुड इंडस्ट्री में 5-10% लैमिनेट इंडस्ट्री में 10% और डब्ल्यूपीसी (WPC) इंडस्ट्री में 25% तक की भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
  • पुराना स्टॉक बनाम नया रेट: हालांकि व्यापारियों के पास अभी पुराना स्टॉक है, लेकिन पहले क्वार्टर के भीतर ही नई कीमतों का असर बाजार पर पूरी तरह दिखने लगेगा।

छोटे उत्पादको और व्यापारियों की मजबूती ही असली अर्थव्यवस्था

योगेश बंग ने यमुनानगर, यूपी और केरल जैसे हब के छोटे उत्पादकों के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि बड़ा व्यापारी और उद्योगपति तो संकट झेल लेता है, लेकिन जब तक छोटा उद्योगपति और व्यापारी सुरक्षित है, तभी तक देश की इकोनॉमी में जान दिखेगी।

व्यापारियों के लिए “सर्वाइवल मंत्र”

चर्चा के अंत में योगेश बंग ने सभी व्यापारी भाइयों को एक स्पष्ट संदेश दिया:

  • हिम्मत से काम लें: जल्दबाजी में महंगा माल स्टॉक करने से बचें।
  • पूंजी (capital) बचाएं: आज आपकी जो पूंजी सुरक्षित रहेगी, वही भविष्य में आपकी ग्रोथ का आधार बनेगी।
  • सुरक्षा सर्वापरि: भले ही इस साल कम मुनाफा कमाएं, लेकिन अपने आप को सुरक्षित रखें ताकि 2027 के लिए तैयार हो सकें।

निष्कर्ष: आने वाला समय चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन समझदारी और धैर्य से काम लेने वाले व्यापारी ही इस “अग्निपरीक्षा” में सफल होंगे।


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